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Monday, 31 August 2020

अभी-अभी पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का निधन, देखिए कैसे हुई मौत

भारत : अभी-अभी इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही हैं। लंबे समय से बीमार चल रहे भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का निधन हो गया है। उनके बेटे अभिजीत मुखर्जी के द्वारा यह जानकारी दी है।



दिल्ली कैंट स्थित आर्मी रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल में उनका इलाज किया जा रहा है। आज सुबह ही अस्पताल की तरफ से बताया गया था कि फेफड़ों में संक्रमण की वजह से वह सेप्टिक शॉक में थे। और फिर अभी पता चला की उनका निधन हो गया है।

84 वर्षीय प्रणब मुखर्जी लगातार गहरे कोमा में थे और उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। सेप्टिक शॉक की स्थिति में रक्तचाप काम करना बंद कर देता है और शरीर के अंग पर्याप्त ऑक्सीजन प्राप्त करने में विफल हो जाते हैं। उन्हें 10 अगस्त को दिल्ली कैंट स्थित सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि वो कोरोना से भी संक्रमित थे, इससे पहले उनकी कोरोना रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई थी।

प्रणब मुखर्जी के मस्तिष्क में खून के थक्के जमने के बाद उनका ऑपरेशन किया गया था। अस्पताल में भर्ती कराए जाने के समय वह कोविड-19 से भी संक्रमित पाए गए थे। इसके बाद उन्हें श्वास संबंधी संक्रमण हो गया था। मुखर्जी भारत के 13वें राष्ट्रपति के रूप में वर्ष 2012 से 2017 तक पद पर रहे। पूर्व राष्ट्रपति मुखर्जी के परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं।

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पीएम मोदी की ‘मन की बात’ औंधे मुंह गिरा, यूट्यूब चैनल पर गालियों की भरमार, डिसलाइक की आंधी- देखिए पूरी ..

भारत : पीएम मोदी मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। अपने संबोधन में मोदी ने कहा कि कोरोना काल में देश एक साथ कई मोर्चों पर लड़ रहा है। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने खिलौनों और मोबाइल गेम्स के मामले में आत्मनिर्भर बनने की ओर इशारा किया।



लेकिन नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम “मन की बात” की लोकप्रियता कम होने के संकेत मिले हैं। इस ।कार्यक्रम की लोकप्रियता लगातार कम होती जा रही है।

इस बार प्रधानमंत्री की ‘मन की बात’ लोगों को पसंद नहीं आया। भारतीय जनता पार्टी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर न्यूज़ लिखे जाने तक इस वीडियो को केवल 10 हजार लोगों ने पसंद किया है और 1 लाख 26 हजार लोगों ने नापसंद किया है।

लोगो के इस प्रतिक्रिया पर वरिष्ठ पत्रकार आवेश तिवारी लिखते हैं, ‘मन की बात औंधे मुंह गिरा.पीएम का यूट्यूब चैनल गालियों से भरा,बीजेपी के चैनल में भी डिसलाइक की आंधी। डंका बज रहा हैै डंका

बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि अब सभी के लिए लोकल खिलौनों के लिए वोकल होने का समय है। साथ ही उन्होंने कहा कि जितने भी वर्चुअल गेम्स हैं उनकी थीम्स बाहरी हैं। इसलिए मैं देश के युवा टैलंट से कहता हूं कि आप भारत के भी गेम्स बनाइए।

इसके साथ ही नरेंद्र मोदी ने कहा था कि इस साल सितंबर का महीना पोषण महीने के रूप में मनाया जाएगा। उन्होंने कहा, देश और पोषण का बहुत ही गहरा संबंध है। हमारे यहां कहावत है, ”यथा अन्नम तथा मन्न्म, मतलब जैसा अन्न होता है, वैसा ही हमारा मानसिक और बौद्धिक विकास होता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, एक्सपर्ट्स का कहना है कि, शिशु को गर्भ में, और बचपन में, जितना अच्छा पोषण मिलता है, उतना अच्छा उसका मानसिक विकास होता है और वो स्वस्थ रहता है। बच्चों के पोषण के लिये भी उतना ही जरुरी है कि माँ को भी पूरा पोषण मिले। पोषण का मतलब केवल इतना ही नहीं होता कि आप क्या खा रहे हैं, कितना खा रहे हैं, कितनी बार खा रहे हैं। इसका मतलब है आपके शरीर को कितने जरुरी पोषक तत्व मिल रहे हैं।

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Reliance Jio ने जारी किये नए धांसू और सस्ते प्लान, ग्राहकों को मिलेगी 30 दिन फ्री और...



Relince Jio Fiver ग्राहकों के लिए  खुशखबरी है. Relince Jio ग्राहकों के लिए चार नए प्लान्स लेकर आई है. ये प्लान 399 रुपये, 699 रुपये, 999 रुपये और 1,499 रुपये के हैं. इन प्लान्स को लॉन्च करने के साथ रिलायंस जियो ने नए ग्राहकों को 30 दिन बिना किसी शर्त के फ्री सर्विस देने का ऐलान किया है. आइए जानते हैं इन प्लान्स के बारे में.

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रिलायंस जियो फाइबर का 399 रुपये और 699 रुपये का प्लान

जियो फाइबर के 399 रुपये वाले नए प्लान में 30 एमबीपीएस (Mbps) की स्पीड से अनलिमिटेड डेटा दिया जा रहा है. इसके साथ ही इस प्लान पर ग्राहकों को अनिलिमिटेड वॉइस कॉलिंग का फायदा भी मिलेगा . वहीं, बात अगर 699 रुपये वाले प्लान में 100Mbps की स्पीड से अनलिमिटेड डेटा दिया जा रहा है. इसमें भी अनलिमिटेड वॉइस कॉलिंग का फायदा मिलेगा

999 रुपये और 1499 रुपये के प्लान्स में नया क्या

999 रुपये और 1499 रुपये वाले प्लान्स में ओटीटी ऐप्स की भरमार है. 999 रुपये में 150 एमबीपीएस स्पीड के साथ 1000 रुपये की कीमत के 11 ओटीटी ऐप्स का सब्सक्रिप्शन मिलेगा. वहीं 1499 रुपये वाले प्लान में 1500 रुपये की कीमत के 12 ओटीटी ऐप्स मिलेंगे. टीवी एंव नेट पर उपलब्ध कार्यक्रमों, फिल्मों और गेमिंग के शौकिनों के लिए यह प्लान्स खासतौर पर डिजाइन किए गए हैं लेकिन कीमत में थोड़ी महंगी है.

मिलेगा एक महीने का फ्री ट्रायल

ग्राहकों को इसमें एक महीने फ्री ट्रायल सर्विस मिलेगी. जिसमें आप एक महीने तक फ्री प्लान का इस्तेमाल कर पाएंगे.एक महीने के फ्री ट्रायल के बाद ग्राहक किसी भी एक प्लान का चुन सकते हैं. ‘नए इंडिया का नया जोश’टैरिफ प्लान्स 399 रु प्रतिमाह से शुरू हो कर 1499 रु प्रतिमाह तक हैं. फ्री ट्रायल के बाद ग्राहक जियो फाइबर का कनेक्शन कटवा भी सकता है. इसके लिए कोई भी पैसा नही काटा जाएगा.

मिलेंगे 4 सेट टॉप बॉक्स

साथ ही फ्री ट्रायल के लिए ग्राहक को मिलेगा 4के सेट टॉप बॉक्स और 10ओटीटी ऐप्स का फ्री सब्सक्रिप्शन मिलेगा.

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जेलों में बंद मुस्लिमों की संख्या पर बोले असदुद्दीन ओवैसी- ये अन्याय का एक और सबूत....

नई दिल्ली: ऑल इंडिया मजलिस-ए-एत्तेहादुल मुस्लीमीन (AIMIM) पार्टी के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने जेल में बंद मुस्लिमों की संख्या से जुड़ी एक खबर के बारे में ट्वीट किया है. ओवैसी ने लिखा, 'मुस्लिम पुरुषों को पहले से ही बड़ी संख्या में बंदी बनाकर रखा गया था, लेकिन अब उनकी संख्या और भी बढ़ गई है. कानून की नजर में ये लोग निर्दोष हैं लेकिन वे अभी भी वर्षों तक जेल का सामना करते हैं. ये प्रणालीगत अन्याय का एक और सबूत है, जिसका हम सामना कर रहे हैं.'



बताते चलें कि AIMIM के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने इंडियन एक्सप्रेस की जिस खबर को शेयर करते हुए यह बात कही है उसके अनुसार, राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) ने देश की जेलों में बंद कैदियों से जुड़े आंकड़े जारी किए थे. आंकड़ों से पता चला कि जेलों में बंद मुस्लिमों, दलितों और आदिवासियों की संख्या देश में उनकी आबादी के अनुपात से अलग है जबकि अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और उच्च जाति से जुड़े लोगों के मामलों में ऐसा नहीं है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2019 के आंकड़ों से पता चलता है कि मुस्लिम समुदाय से आने वाले जेल में बंद कैदी दोषियों के बजाय विचाराधीन अधिक हैं. साल 2019 के अंत में देशभर की जेलों में कैद सभी दोषियों में से 21.7 प्रतिशत दलित हैं. विचाराधीन कैदियों में अनुसूचित जाति से आने वाले लोगों की संख्या 21 फीसदी है. 14.2 फीसदी की आबादी के साथ दोषी पाए गए मुस्लिमों की संख्या का प्रतिशत 16.6 है लेकिन इनमें से 18.7 फीसदी कैदियों के मामले विचाराधीन हैं. आखिर ऐसा क्यों है.

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Sunday, 30 August 2020

मोहर्रम पर पीएम का संदेश, देखिए क्या कहा नरेंद्र मोदी ने...

इस्लामिक कैलेंडर का पहला महीना मोहर्रम (Muharram) होता है. इस महीने की 10वीं तारीख को अशुरा का दिन कहते हैं. इसी दिन पैगंबर मोहम्मद साहब के नवासे इमाम हुसैन और उनके 71 साथी शहीद हुए थे. इन शहीदों में सबसे छोटा शहीद 6 महीने के इमाम हुसैन के बेटे अली असगर थे. इस सभी को सिर्फ हक, इंसानियत और सच के रास्ते पर चलने की वजह से यजीद नाम के एक शासक द्वारा मार दिया गया था. इस वजह से मोहर्रम का पूरा महीना गम का महीना माना जाता है. यजीद बेगुनाह लोगों को कत्ल करने तक का कदम उठाता था.



 इमाम हुसैन की इस शहादत को आजतक दुनिया हर वो सख्श जो सच्चाई और अच्छाई के रास्ते पर चलता है, नहीं भुला पाया है. पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने भी इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए एक ट्वीट किया है. अपने ट्वीट में प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, ''हम इमाम हुसैन (एएस) के बलिदान को याद करते हैं. उनके लिए, सच्चाई और न्याय के मूल्यों से ज्यादा महत्वपूर्ण कुछ नहीं था. समानता और निष्पक्षता पर उनका जोर उल्लेखनीय है और बहुतों को शक्ति देता है.

'' गौरतलब है कि शिया और सुन्नी दोनों ही समुदाय मोहर्रम के गम में शामिल होते हैं. हालांकि, दोनों के बीच के मतभेदों की वजह से दोनों का इस गम में शामिल होने का तरीका भी काफी अलग है. शिया मुसलमान इस दिन जुलूस में हिस्सा लेते हैं और इमाम हुसैन के लिए ताजिया ले जाते हैं. शिया मुसलमानों में ये सिलसिला पूरे 2 महीने 8 दिनों तक चलता है. मुहर्रम का चांद दिखाई देने के बाद शिया महिलाएं और लड़कियां अपनी चूड़ियां तोड़ देती हैं. साथ ही वो श्रंगार की चीजों से भी 2 महीने 8 दिन के लिए दूरी बना लेती हैं. साथ ही 2 महीने 8 दिनों के लिए शिया मुसलमान किसी तरह की खुशी नहीं मनाते और न ही किसी दूसरे की खुशी में शामिल होते हैं.

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Thursday, 27 August 2020

Breaking News: बिहार में महागठबंधन का हिस्सा हुए दो प्रमुख वामदल, डील पर लगी RJD की मुहर

 बिहार के सियासी गलियारे से बड़ी खबर है कि वामदलों के साथ आरजेडी (RJD) की वार्ता सफल हो गई है और अब प्रदेश में वामदल (Left parties) भी महागठबंधन (Grand Alliance) का हिस्सा हो गए हैं. इनमें CPI और सीपीआई (M ) शामिल हैं. बताया जा रहा है कि सीट बंटवारे में वामदलों से भी सीट शेयर की जाएगी.

 इस बीच सीपीआई नेता रामनरेश पांडेय ने भी इस बात की पुष्टि कर दी है कि आरजेडी के साथ गठबंधन तय हो गया है. सीट को लेकर फिलहाल कोई परेशानी है क्योंकि एनडीए (NDA)को हराना ज्यादा जरूरी है, इसलिए गठबंधन में शामिल होने का फैसला ले लिया गया है.



बता दें कि बुधवार को आरजेडी प्रदेश अध्यक्ष व लालू यादव के करिबी नेता जगदानंद सिंह से वामदलों की मुलाकात हुई और वामदलों की 9 सदस्यीय टीम के साथ घंटों विमर्श करने के बाद  गठबंधन में वामदलों के शामिल होने के फैसले पर मुहर लगा दी गई. हालांकि अब भी बिहार में भाकपा माले को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है कि वह महागठबंधन में शामिल होगा या नहीं.

बता दें कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के महागठबंधन से अलग होने के फैसले के बाद घटक दल ये शिद्दत से चाह रहे थे कि महागठबंधन में वाम दलों को शामिल किया जाए. गौरतलब है कि बुधवार को ही रालोसपा अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा ने अपनी पार्टी की बैठक में कहा था कि जीतन राम मांझी के गठबंधन से अलग होने के फैसले पर कहा कि मांझी का जाना गठबंधन के लिए दुखद है और हमें नुकसान हुआ है. गठबंधन का दायरा बढ़ाया जाना चाहिए और इसमें अब वामदलों को भी शामिल करना चाहिए.

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राम मंदिर निर्माण रुकवाने के लिए पहुंचा युवक, पुलिस ने हिरासत में लिया, देखिए युवक ने क्या कहा

 रामजन्मभूमि दर्शन मार्ग पर मंगलवार की शाम एक मुस्लिम युवक के पकड़े जाने से हड़कंप मच गया। युवक ने खुद को प्रयागराज के मऊ आईमा निवासी एक मौलाना बताया है, दावा कर रहा है कि वह मूर्ति पूजा नहीं करने देगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवक के नाम और पते के साथ उसके बारे में पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। हालांकि पूछताछ के बाद युवक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं प्रतीत हो रही है।



मंगलवार की शाम करीब पांच बजे एक मुस्लिम युवक रामजन्मभूमि दर्शन मार्ग पर पहुंचा। उसकी संदिग्ध कार्यप्रणाली देखकर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। स्थानीय लोगों ने बताया कि युवक लोगों से कह रहा था कि मूर्ति पूजा नहीं करनी चाहिए, मुझे अल्लाह ने भेजा है, इसीलिए अयोध्या आया हूं। मैं मूर्ति पूजा नहीं करने दूंगा । सूचना पर पहुंची थाना रामजन्मभूमि की पुलिस उसे पकड़कर थाने ले आई।

सीओ अयोध्या अमर सिंह ने बताया कि युवक ने पूछताछ में अपना नाम मौलाना आफताब निवासी मऊ आईमा, जनपद प्रयागराज बताया है। उसके द्वारा बताए गए नाम पते की तस्दीक की गई तो वह सही पाया गया है। पूछताछ में उसके परिजनों ने बताया कि युवक का मानसिक संतुलन ठीक नहीं है। फिलहाल युवक के बारे में अन्य जानकारियां जुटाईं जा रही है। हर बिंदु पर जांच पड़ताल की जा रही है, उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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Wednesday, 26 August 2020

सर्वे में हिस्सा लें

How to buy Wordpress hosting The question is for every new blogger who wants to create a new website on WordPress (WordPress) or either those who are already on Blogger and are thinking of migrating from Blogspot to WordPress , all of them hosting topics. It is very important to know, so let's know how to buy web hosting - How To Buy Web Hosting For Your Website

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Wordpress Hosting

As you have told in previous posts, there are two types of web hosting depending on the operating system. Linux web hosting and Windows web hosting and web hosting based on website support Shared Website Hosting is Virtual Private Server and Dedicated Web Hosting, so first of all you have to select which Wordpress hosting you want to buy.

Before buying Wordpress hosting, you have to decide what type of website you want to create, according to the hosting plan, here we are talking about getting a hosting plan for WordPress (WordPress) because WordPress Hosting It is very easy to use and has many features and that is why 22% of the world's websites are built on WordPress, so if you are getting started on WordPress, then you can share any shared hosting Can choose a plan -

This plan starts from Rs. 99 to Rs. 499 per month.It has different features in all plans, like here you are also being given a free domain in 199 per month in economy plan and in the plan of Rs. 699 per month, you will get the first. SSL certificate is being given for the year, which is very important for any website in today's time if you take any other hosting.

Which is very important for any website in today's time, if you take any other wordpress hosting, then you have to buy SSL separately, which costs about 40000 years, then it is a matter of shared hosting plan, now let's talk about WordPress. Of hosting

WordPress hosting is made by keeping in mind only the WordPress website Hosting but here you will see in this plan monthly visitors have been monthly visitors who visit your site in a month and their IP address is counted and its Also here is the number of websites, if you want to create a website on a WordPress, you can choose a plan of 699 per month.

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लालू प्रसाद यादव हुए नई बीमारी के शिकार: मेडिकल रिपोर्ट में आया सामने - देखिए

 रांची। नौ सौ पचास (950) करोड़ रुपये के चारा घोटाले में सजा काट रहे मामले के मुख्य अभियुक्त राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव अब डिप्रेशन के शिकार बताये गये हैं। रांची स्थित राजेन्द्र आयुर्विग्यान संस्थान के निदेशक आर के श्रीवास्तव ने बताया कि लालू यादव डिप्रेशन से ग्रस्त हैं। श्रीवास्तव ने बताया, ‘लालू यादव डिप्रेशन में हैं। उनका इलाज कर रहे चिकित्सकों ने अपनी रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख किया है।’



उन्होंने कहा कि दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विग्यान संस्थान ने भी लालू यादव को अपने यहां से डिस्चार्ज करते हुए उनके डिप्रेशन में होने की बात का उल्लेख किया था। डिप्रेशन में होने के चलते लालू यादव को किसी मनोचिकित्सक को दिखाने के बारे में पूछे जाने पर श्रीवास्तव ने कहा कि अभी इस बारे में कोई विचार नहीं किया गया है। लालू यादव को पिछले बुधवार को रिम्स के प्राइवेट वार्ड में स्थानान्तरित कर दिया गया था जिसमें उन्हें एक हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से कमरे का शुल्क देना होगा।

श्रीवास्तव ने बताया कि प्राइवेट वार्ड में लालू यादव को स्थानांतरित करने के लिए जेल प्रशासन की अनुमति ली गयी थी। लालू प्रसाद यादव ने रिम्स के सामान्य वार्ड में चिकित्सा के दौरान गंदगी, मच्छरों की समस्या और कुत्तों के भौंकने की शिकायत की थी जिसके बाद उनके अनुरोध पर उन्हें प्राइवेट वार्ड में स्थानांतरित करने का फैसला किया गया था।

इससे पहले लालू प्रसाद यादव ने अंतरिम जमानत पर विभिन्न बीमारियों का इलाज कराने के बाद झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार केन्द्रीय जांच ब्यूरो की दोनों विशेष अदालतों के समक्ष 30 अगस्त को यहां आत्मसमर्पण कर दिया था। उसके बाद अदालतों के आदेश पर उन्हें सजा काटने के लिए वापस बिरसामुंडा जेल भेज दिया गया जहां से कारागार के चिकित्सक ने उन्हें उचित इलाज के लिए रिम्स अस्पताल भेज दिया था।

सीबीआई की दोनों विशेष अदालतों ने लालू यादव को न्यायिक हिरासत में लेकर वापस बिरसा मुंडा जेल भेजने के आदेश दिये थे। लालू के अधिवक्ताओं ने लालू को इलाज के लिए रिम्स अस्पताल में भर्ती कराने का अनुरोध किया था जिसके बाद अदालतों ने जेल प्रशासन को लालू के स्वास्थ्य का उचित ख्याल रखने के निर्देश दिये। अदालत के आदेश के मद्देनजर लालू यादव को जेल ले जाया गया जहां के चिकित्सक ने लालू यादव को जांच एवं उचित इलाज के लिए रिम्स अस्पताल रेफर कर दिया था। बाद में लालू यादव को रिम्स ले जाया गया था जहां डाक्टर उमेश प्रसाद की यूनिट में उनकी चिकित्सा चल रही है।

झारखंड उच्च न्यायालय ने 24 अगस्त को लालू प्रसाद यादव को विशेष सीबीआई अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करने के आदेश दिये थे। अदालत ने लालू को आत्मसमर्पण करने के लिए 30 अगस्त तक की मोहलत दी थी। इससे पूर्व उच्च न्यायालय ने पिछली सुनवाई के दौरान राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव की चारा घोटाले के देवघर कोषागार समेत सभी तीन मामलों में स्वास्थ्य कारणों से दी गयी अंतरिम जमानत की अवधि को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया था।

अदालत ने कहा था कि आवश्यक होने पर अब लालू यादव का यहां रिम्स अस्पताल में इलाज होगा। झारखंड उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह की पीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए लालू के अधिवक्ताओं की अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाने की दलील को 24 अगस्त को अस्वीकार कर दिया था। अदालत ने लालू को सीबीआई की विशेष अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करने के निर्देश दिये थे। लालू यादव चारा घोटाले के चार विभिन्न मामलों में दोषी करार दिये जाने के बाद चौदह वर्ष की सजा काट रहे हैं।

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अनलॉक 4.0: 1 सितंबर से देश में क्या-क्या खुल जाएगा ? केंद्र सरकार की गाइडलाइन जारी का इंतेजार कर रहे हैं लोग

 India : 31 अगस्त को अनलॉक 3.0 समाप्त होने जा रही है। अब भारत सरकार अगले महीने से अनलॉक 4.0 लागू करेगी। इसके लिए विस्तृत गाइडलाइंस जल्द आ सकती है। रिपोर्ट्स की मानें तो सरकार 1 सितंबर से कई गतिविधियों पर से प्रतिबंध हटाया जा सकता है। हालांकि किस राज्य और केंद्रशासित प्रदेश में अनलॉक 4.0 के कितने प्रावधान लागू होंगे, यह अनलॉक 3.0 की तरह उन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की ताजा हालात पर निर्भर करेगा।

भारत सरकार को अब तक लोकल ट्रेनें, मेट्रो ट्रेन सर्विस, सिंगल थिएटर सिनेमा हॉल, ऑडिटोरियम, असेंबली हॉल समेत ऐसी ही कुछ अन्य जगहों को खोलने पर अलग-अलग तरह की राय दी गई है। इन सुझावों के आधार पर केंद्र सरकार अनलॉक 4.0 के तहत सितंबर के पहले हफ्ते से लोकल ट्रेनों और मेट्रो ट्रेन सर्विस खोलने पर विचार कर रही है। संभव है कि सरकार सिंगल स्क्रीन सिनेमा हॉलों को भी खोलने की अनुमति दे दे। हालांकि, इसके लिए कड़ी शर्तें रखी जाएंगी। इसी तरह, सरकार ऑडोटोरियम, हॉल आदि को भी खोलने की अनुमति दे सकती है। इन्हें सोशल डिस्टैंसिंग, थर्मल स्क्रीनिंग, टेंपरेचर चेक, क्षमता से कम भीड़ जुटाने जैसी शर्तें रखी जानी तय है।

दिल्ली में 1 सितंबर से ही मेट्रो के परिचालन की अनुमति दी जा सकती है। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) ने रविवार को एक बयान जारी कर कहा कि जब भी सरकार निर्देश देगी, वह परिचालन बहाल करने को तैयार है। नव भारत टाइम्स की एक रिपोर्ट में एक सरकारी अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि चरणबद्ध तरीके से प्रतिबंधों को हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के सुझावों के मुताबिक, गाइडलाइंस तैयार किए जा रहे हैं। केंद्रीय मंत्रालयों एवं विभागों से भी सुझाव लिए जा रहे हैं।’



वहीं, पर्यटन मंत्री प्रह्लाद पटेल ने न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में कहा था, ‘अब तक केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय की गाइडलाइंस में 50 लोगों की संख्या तय की गई थी। हमने गृह मंत्रालय को चिट्ठी लिखकर क्षमता के 50% के साथ बैंक्वेट हॉल को खोलने की मांग की है। होटल मालिकों की भी चाहत है कि वो अपना कारोबार बहाल करें। मुझे लगता है कि सरकार बहुत तेज फैसले ले रही है। पर्यटन उद्योग को भी ऐसा ही लग रहा है। मुझे लगता है कि जल्द ही यह फैसला लिया जाएगा।’

हालांकि अभी इसको लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन जल्द ही नई गाइडलाइन फाइनल होने की उम्मीद है क्योंकि इस संबंध में जल्द ही मीटिंग होने वाली है। सरकार स्कूल-कॉलेज खोलने के प्रति उत्सुक नहीं दिख रही है। उम्मीद की जा रही है कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को लेकर मौजूदा नियमों में भी कोई बदलाव नहीं होगा। साथ ही, अभी पार्कों को भी खोलने की इजाजत शायद नहीं मिले।

बता दें कि बीते 3 मार्च से कोरोना महामारी के चलते शिक्षण संस्थान बंद हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई पर गहरा प्रभाव पड़ रहा है। हालांकि सरकार ने सभी स्कूलों और कॉलेजों को ऑनलाइन क्लास शुरू करने का निर्देश दिया था, लेकिन यह विशेष रूप से गांव वाले क्षेत्रों में उचित व्यवस्था और स्मार्टफोन की उपलब्धता न हो पाने के कारण प्रभावी साबित नहीं हो सका।

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Tuesday, 25 August 2020

मैट्रिक पास युवकों को मिलेगी बिहार के हाई स्कूल में नौकरी, सैलरी 16500, देखिए डिटेल

bihar teacher vacancy 2020 : राजकीय माध्यमिक, उच्च माध्यमिक विद्यालय, प्रोजेक्ट कन्या माध्यमिक , उच्च माध्यमिक में विद्यालय सहायक और विद्यालय परिचारी पदों को सृजित किया जाएगा साथ है इसके नियोजन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

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शिक्षा विभाग ने इस आशय का संकल्प शुक्रवार को जारी किया है। साथ ही शिक्षा विभाग ने इन्हीं विद्यालयों के शिक्षकों त्तर , आदेश पालों लिपिकों के पद संवर्ग को तत्काल प्रभाव से खत्म कर दिया गया है।

बिहार सरकार के द्वारा हाल ही में अनुसूचित नियमावली के अन्तर्गत संबंधित विद्यालयों के शिक्षक पद पर नियुक्ति के लिए गठित पैनल निर्माण समिति ही विद्यालय परिचरी की नियुक्ति की जाएगी।

विद्यालय सहायक का पद सीधी भर्ती से भरा जाएगा। नियोजन का अभ्यर्थी बिहार का मूल निवासी होना चाहिए। साथ ही शैक्षणिक योग्यता के अन्तर्गत मान्यता प्राप्त बोर्ड से मैट्रिक इंटर या उच्च माध्यमिक मदरसा शिक्षा बोर्ड से मौलवी अथवा कामेश्वर प्रसाद सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय से संस्कृत की उपाधि होनी चाहिए।

कम्प्यूटर में डिप्लोमा तथा उम्र न्यूनतम अठारह साल होना चाहिए। नियोजन के लिए ऑनलाइन आवेदन किए जाने होंगे। पैनल की अनु मान्यता एक साल की होगी। एक पद के विरूद्ध पांच गुना अभ्यर्थियों से आवेदन लिए जाएंगे। नियोजन पैनल करेगा।

विद्यालय सहायक और परिचरी को आठ सालों के लिए नियोजित किया जाएगा। विद्यालय सहायक के लिए वेतन 16500 और विद्यालय परिचरी का वेतन 15200 रुपए प्रतिमाह दिया जाएगा। कार्य के अच्छे प्रदर्शन को देखते हुए विद्यालय

bihar teacher vacancy 2020: School Assistant and School attendant posts will be created in Government Secondary, Higher Secondary School, Project Girls Secondary, Higher Secondary along with its planning process will be completed.

The Education Department has issued a resolution to this effect on Friday. Besides, the Education Department has abolished the post cadre of teachers, teachers and order clerks of these schools.

According to the recently scheduled rules by the Government of Bihar, only the school building committee will be appointed for appointment to the post of teacher of the respective schools.

The post of school assistant will be filled by direct recruitment. The candidate of employment should be a native of Bihar. Also, under the educational qualification, there should be a matriculation from a recognized board, a Maulvi from the Board of Intermediate or Higher Secondary Madarsa Education, or a Sanskrit degree from Kameshwar Prasad Singh Darbhanga Sanskrit University.

Diploma in computer and age should be minimum 18 years. Online applications will have to be made for employment. The approval of the panel will be one year. Applications will be taken against candidates for a post from five times. The planning panel will do.

School assistants and attendants will be employed for eight years. Salary will be 16500 for school assistant and 15200 rupees per month for school attendant. School seeing the good performance of the work

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असदुद्दीन ओवैसी का काँग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद पर तंज़, कहा कब तक बने रहेंगे काँग्रेस के गुलाम

 हैदराबाद : कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में पार्टी की अंतर्कलह खुलकर सामने आई. राहुल गांधी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं पर बीजेपी से मिलीभगत का आरोप लगाया. इस पर काँग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद और कपिल सिब्बल ने राहुल गांधी को जमकर लताड़ा और कहा कि उनकी निष्ठा पर उठाया गया सवाल सरासर गलत है. जहां सिब्बल ने पार्टी को दिए योगदान का हवाला दिया, पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद ने कहा कि अगर उन पर लगाया गया आरोप राहुल साबित कर दें तो वे इस्तीफा दे देंगे. अब AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने गुलाम नबी आजाद पर तंज कसा है.


ओवैसी ने अपने ट्वीट में लिखा, “आदर्श न्याय, गुलाम नबी साहब मुझ पर यही आरोप लगाते थे. अब आप पर भी यही आरोप लगा है. 45 साल की गुलामी सिर्फ इसलिए? अब ये साबित हो गया है कि जनेऊधारी लीडरशिप का विरोध करने वाला बी-टीम ही कहलाया जाएगा. मुझे उम्मीद है कि मुस्लिम समुदाय के लोग समझेंगे कि कॉन्ग्रेस के साथ रहने से क्या होता है.”

बता दें कि बाद में कपिल सिब्बल ने CWC की बैठक के दौरान किए अपने ट्वीट को यह कहते हुए वापस ले लिया कि उन्होंने राहुल गांधी से इस बारे में गलतफहमी को दूर कर लिया है. वहीं काँग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने भी बाद में सफाई दी कि राहुल ने बीजेपी के साथ मिलीभगत वाली बात उनके लिए नहीं कही थी.

बता दें कि कपिल सिब्बल और गुलाम नबी आजाद समेत कांग्रेस के लगभग 23 नेताओं ने अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर नेतृत्व परिवर्तन की मांग की थी. जिस पर राहुल गांधी ने कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक के दौरान निशाना साधा था. जिससे साफ पता चलता है की काँग्रेस में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है.

इस पत्र में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर सवाल खड़े किए गए और कहा गया कि इस वक्त एक ऐसे अध्यक्ष की जरूरत है जो स्थायी नेतृत्व दे सके. CWC बैठक की शुरुआत में पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की इच्छा जाहिर की. उन्होंने कहा कि मुझे रिप्लेस करने की प्रक्रिया शुरू करें.


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Asaduddin Owaisi Jibes Ghulam Nabi Azad, Says Anybody Opposing Congress Is Labelled BJP's 'B-Team' view report

 New Delhi : AIMIM chief Asaduddin Owaisi on Monday took a dig at senior Congress leader Ghulam Nabi Azad amid the ongoing ruckus over the post of president in the Congress party saying that his own party leader Rahul Gandhi has accused him of supporting Bharatiya Janata Party (BJP).


Speaking to ANI, Owaisi said, "Ghulam Nabi Azad has been accusing me of working for BJP. However, today the former president of his party is himself questioning him. Ghulam Nabi Azad Saheb, who has belonged to the Congress party for the last 45 years, when he comes to Hydrabad, accuses me and my party that we are supporting the BJP."

"Today, Congress leader Rahul Gandhi has said he has supported the BJP by signing the letter and writing the letter. Now Azad has to think about it as his own party leader has stated that he is the one who is supporting BJP," he added.

Owaisi said that anybody opposing the Congress party or its leadership is labelled the "B-team" of BJP and Ghulam Nabi Azad has been doing the same.
"Azad came in front of the media and stated that he will tender his resignation if that if he is supporting BJP. It has been proved that if you oppose the Congress party, as I am doing, I am also opposing the BJP, then the Congress party labels me as B-team member. If someone opposes the leadership in his party, then he is merged with the BJP," said Asaduddin Owaisi.
Owaisi said that all Muslim leaders of the Congress Party would have to think about this issue and find an alternative.

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Wednesday, 19 August 2020

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जितनराम मांझी ने मिलाए ओवैसी के पार्टी से हाथ, अब पूरे बिहार में लड़ेंगे चुनाव

 


Patna: The electoral commotion in Bihar is now increasing. Meanwhile, there is news that Jeetan Ram Manjhi's party 'Hindustani Awam Morcha' and Owaisi's party 'All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen' will jointly contest all the seats in Bihar this time.

Reliable sources say that on Friday evening, Akhtarul Iman, president of All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen, Bihar met at the residence of Jeetan Ram Manjhi in Patna. In this meeting it has been agreed that this time the two parties will fight together. The election will be fought in all the seats of Bihar. However, the final talks on seat sharing are still pending

Let me tell you that in December 2019, Jitan Ram Manjhi was going to share the stage with Owaisi in a rally organized against the Citizenship Amendment Act and NRC at Kishanganj in Bihar. With this news, it was floating in the politics of Bihar that in the assembly elections, the All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen and Hindustani Awam Morcha can enter the fray. But then Manjhi could not attend Jharkhand because of the swearing-in ceremony of the new government.

If reliable sources are to be believed, Jitan Ram Manjhi, a member of the Grand Alliance, was very angry with the Rashtriya Janata Dal, especially Tejashwi Yadav. He has also expressed his resentment in the media many times.

If sources are to be believed, All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen, President of Bihar Akhtarul Iman is trying to form a new coalition in Bihar, in which his entire focus is on Bihar Muslim votes as well as Dalit, backward and backward society. To bring together. The news is that the conversation of All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen is also going on with Bhim Army Chief Chandrashekhar Azad. It is possible that his new party 'Azad Samaj Party' can also join this alliance.

Please tell that Akhtarul Iman is a very important name in the politics of Bihar. There is a long experience of politics. In 2005, the assembly arrived for the first time on the RJD ticket. Won the next election too. In 2014, leaving RJD and joined Nitish Kumar's party JDU. Nitish Kumar made him his candidate from Kishanganj Lok Sabha seat,

But after the nomination, Akhtarul Iman finally separated himself from the competition by saying that we have given these sacrifices to stop the rioters of Gujarat and keep the peace and salvation in Seemanchal. After this, in 2015, he announced to support Owaisi. Since then, he is the Bihar president of All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen. The 2019 Lok Sabha elections were defeated by a narrow margin of votes.
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Sunday, 16 August 2020

Breaking News: बिहार चुनाव से पहले RJD का बड़ा और कड़ा एक्शन, 3 विधायकों को पार्टी से निकाला






 Before the Bihar Assembly elections, the Rashtriya Janata Dal (RJD) has taken action against its three MLAs. The RJD expelled its three MLAs - Maheshwar Prasad Yadav, Prema Chaudhary and Faraj Fatmi - for anti-party activities. The RJD has expelled the three MLAs from the party for 6 years.

RJD national general secretary Alok Mehta has given this information. Alok Mehta has said that these three MLAs were involved in anti-party activities. Therefore, on the instructions of National President Lalu Yadav, all of them have been expelled from the party for 6 years.

JDU leader Shyam Rajak may hold 'lantern' on Monday
On the other hand, on Monday, JDU leader and Bihar's Industries Minister Shyam Rajak can hold the 'Lantern' of RJD. According to the source, two JDU MLAs along with Shyam Rajak and a minister in the government can also join RJD with Shyam Rajak.

Who is Maheshwar Prasad Yadav?
Maheshwar Prasad Yadav is an RJD MLA from Gayaghat in Muzaffarpur. He was a headache for the RJD since the fall of the Grand Alliance government of Bihar. Maheshwar was constantly praising Nitish Kumar's policies.

Who is Faraj Fatmi?
Faraz Fatmi is the son of former Union Minister and RJD's strongman Ali Ashraf Fatmi. Last year, Ali Ashraf Fatmi left the RJD due to lack of ticket in the Lok Sabha elections and joined the JDU after the election. This year, Faraj joined the JDU's Bhuda Chuda-Dahi Bhoj and exp
ressed his displeasure with the RJD. But had made it clear.

Who is Prema Chaudhary? Prema Chaudhary is an RJD MLA from Patepur in Vaishali. She was also running against the party line for quite some time. This year, he joined the human chain of Chief Minister Nitish Kumar and declared a revolt.
It is believed that these three MLAs have already made up their mind to join JDU. Maheshwar Yadav was constantly praising Nitish Kumar while in the party, while Faraz Fatmi's father, Ali Ashraf Fatmi, joined the JDU ever since Faraz Fatmi's move to JDU had intensified.

RJD avoided taking out a rebel
However, RJD has not taken any action against another rebel Chandrika Rai. Chandrika Rai is also the father-in-law of Tejapratap. Tejapratap is also facing trial for divorce from his wife i.e. Chandrika Rai's daughter Aishwarya Rai. On the other hand, Tejashwi had recently included Chandrika Rai's niece Karishma in the party. It is clear that Lalu does not want to take any action against Chandrika Rai during the election because of his family affairs. They fear loss in elections.
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जब NDTV के पत्रकार Ravish Kumar ने अमित शाह का इंटरव्यू लिया था- विडियो देखें






Ravish Kumar: Ravish Kumar did an interview of Amit Shah in the year 2007, which he mentioned in prime time. He told that 2007 was the year. I was a fresh new reporter. The results of the Gujarat assembly elections were coming. I was posted at Amit Shah's house. Mine since 2014 No meeting with Amit Shah. This time when the results were coming in 2019 when the BJP made a roster of 48 spokespersons to send to the channels, not a single spokesperson was named for my program but I was in Amit Shah's house in the year of 2007. Right inside With the same red mike. I was inside Amit Shah's house when Amit Shah is going to the counting center with his mother's blessing, touching his feet. I want to show you Before the result, Amit Shah had said that BJP would get two-third seats and the result was the same.

Neither did I change nor Amit Shah. With this answer of Amit Shah, you can understand his style of politics. Probably no place for atonement. But I saw Amit Shah addressing 100-50 workers in the Delhi Assembly elections. I thought that the national president would return after seeing such a small crowd, but Amit Shah had completed his program in the area of ​​South Delhi. Amit Shah is the President of Somnath Temple Trust. He has also been the President of Gujarat Cricket Association. Life journey of a politician is interesting.

Amit Shah has also changed BJP. A new BJP office was built in dozens of districts. Amit Shah planned them and before the end of his term, a new office of BJP was ready in many districts of the country. We have heard about the leaders of the other party that after taking money from the party, they fled to another party, but under the direction of Amit Shah, many new offices of BJP were formed. Delhi's headquarters is grand. A new political system should have been estimated from these offices as well.

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Saturday, 15 August 2020

AIMIM बिहार के इन सभी सीटों पर लड़ेगी चुनाव

 Video देखने के लिए यहाँ Click करें





Bihar: Hyderabad MP Asaduddin Owaisi's party AIMIM has announced to contest the Bihar assembly elections. The party will field its candidates in 32 seats out of 243 assembly seats. AIMIM has also said that it is ready to tie up with like-minded party.

Owaisi's party announced that it would field its candidates in 32 seats in 22 districts of the state. Currently, AIMIM is a legislator in the Bihar Legislative Assembly. Kamarul Huda won the Kishanganj seat by-election last year.

State President of AIMIM Akhtar ul said that the party will contest in 32 seats. He said that Nitish Kumar's government has failed on all fronts. AIMIM will field candidates in seats like Balrampur, Bari, Amour, Baisi, Jokihat, Samastipur, Mahoba, Bettiah, Ramnagar, Dhaka, Parihar, Aurangabad.

Let us know that the assembly elections are to be held in Bihar later this year. Union Home Minister Amit Shah has also burnt the bugle of Bihar assembly election campaign through virtual rally. NDA will contest elections under the leadership of CM Nitish Kumar. From Amit Shah to BJP President JP Nadda has made it clear that NDA will contest elections under the leadership of Chief Minister Nitish Kumar.

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Thursday, 13 August 2020

तेजस्वी यादव ने विधानसभा में नितीश सरकार की धज्जियां उड़ा दी- देखें विडियो

 

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Patna: The truth of Bihar's health system has been hidden in the House because the report that the Chief Minister has told is quite different from this. The Chief Minister has agreed to only 6100 investigations and he said this during the review meeting held with the PM. Tejashwi said that Mangal Pandey has said to check 53% but the reality is only 5%. He said that the limit of lying in the politics of Bihar is over and the truth is being hidden about the investigation.

Tejashwi said that lying inside the house is the biggest crime, he also showed a video of Mangal Pandey's statement in the house. Tejashwi said that today even in government hospitals in Bihar, money is being taken to check the coronavirus, in private hospitals, the loot of money was already being hatched. Tejashwi said that the Center gave Rs 890 crore to the states, but Bihar has not been included in it. Bihar was not given money to do karana, in this case whether Nitish Kumar asked for money or not.

Tejashwi said in a tone that why Bihar is being discriminated against, whereas there is talk of having a double engine government here. He said that Nitish Kumar holds a meeting with the PM but he does not get the money. CM Nitish Kumar has also lied to the PM. CM has said to investigate in 5 medical colleges, while not a single has been given to even one in ICMR. Here only lies are being told in the name of investigation.

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