असदुद्दीन ओवैसी का काँग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद पर तंज़, कहा कब तक बने रहेंगे काँग्रेस के गुलाम

 हैदराबाद : कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में पार्टी की अंतर्कलह खुलकर सामने आई. राहुल गांधी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं पर बीजेपी से मिलीभगत का आरोप लगाया. इस पर काँग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद और कपिल सिब्बल ने राहुल गांधी को जमकर लताड़ा और कहा कि उनकी निष्ठा पर उठाया गया सवाल सरासर गलत है. जहां सिब्बल ने पार्टी को दिए योगदान का हवाला दिया, पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद ने कहा कि अगर उन पर लगाया गया आरोप राहुल साबित कर दें तो वे इस्तीफा दे देंगे. अब AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने गुलाम नबी आजाद पर तंज कसा है.


ओवैसी ने अपने ट्वीट में लिखा, “आदर्श न्याय, गुलाम नबी साहब मुझ पर यही आरोप लगाते थे. अब आप पर भी यही आरोप लगा है. 45 साल की गुलामी सिर्फ इसलिए? अब ये साबित हो गया है कि जनेऊधारी लीडरशिप का विरोध करने वाला बी-टीम ही कहलाया जाएगा. मुझे उम्मीद है कि मुस्लिम समुदाय के लोग समझेंगे कि कॉन्ग्रेस के साथ रहने से क्या होता है.”

बता दें कि बाद में कपिल सिब्बल ने CWC की बैठक के दौरान किए अपने ट्वीट को यह कहते हुए वापस ले लिया कि उन्होंने राहुल गांधी से इस बारे में गलतफहमी को दूर कर लिया है. वहीं काँग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने भी बाद में सफाई दी कि राहुल ने बीजेपी के साथ मिलीभगत वाली बात उनके लिए नहीं कही थी.

बता दें कि कपिल सिब्बल और गुलाम नबी आजाद समेत कांग्रेस के लगभग 23 नेताओं ने अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर नेतृत्व परिवर्तन की मांग की थी. जिस पर राहुल गांधी ने कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक के दौरान निशाना साधा था. जिससे साफ पता चलता है की काँग्रेस में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है.

इस पत्र में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर सवाल खड़े किए गए और कहा गया कि इस वक्त एक ऐसे अध्यक्ष की जरूरत है जो स्थायी नेतृत्व दे सके. CWC बैठक की शुरुआत में पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की इच्छा जाहिर की. उन्होंने कहा कि मुझे रिप्लेस करने की प्रक्रिया शुरू करें.


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