Monday, 31 August 2020

पीएम मोदी की ‘मन की बात’ औंधे मुंह गिरा, यूट्यूब चैनल पर गालियों की भरमार, डिसलाइक की आंधी- देखिए पूरी ..

भारत : पीएम मोदी मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। अपने संबोधन में मोदी ने कहा कि कोरोना काल में देश एक साथ कई मोर्चों पर लड़ रहा है। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने खिलौनों और मोबाइल गेम्स के मामले में आत्मनिर्भर बनने की ओर इशारा किया।



लेकिन नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम “मन की बात” की लोकप्रियता कम होने के संकेत मिले हैं। इस ।कार्यक्रम की लोकप्रियता लगातार कम होती जा रही है।

इस बार प्रधानमंत्री की ‘मन की बात’ लोगों को पसंद नहीं आया। भारतीय जनता पार्टी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर न्यूज़ लिखे जाने तक इस वीडियो को केवल 10 हजार लोगों ने पसंद किया है और 1 लाख 26 हजार लोगों ने नापसंद किया है।

लोगो के इस प्रतिक्रिया पर वरिष्ठ पत्रकार आवेश तिवारी लिखते हैं, ‘मन की बात औंधे मुंह गिरा.पीएम का यूट्यूब चैनल गालियों से भरा,बीजेपी के चैनल में भी डिसलाइक की आंधी। डंका बज रहा हैै डंका

बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि अब सभी के लिए लोकल खिलौनों के लिए वोकल होने का समय है। साथ ही उन्होंने कहा कि जितने भी वर्चुअल गेम्स हैं उनकी थीम्स बाहरी हैं। इसलिए मैं देश के युवा टैलंट से कहता हूं कि आप भारत के भी गेम्स बनाइए।

इसके साथ ही नरेंद्र मोदी ने कहा था कि इस साल सितंबर का महीना पोषण महीने के रूप में मनाया जाएगा। उन्होंने कहा, देश और पोषण का बहुत ही गहरा संबंध है। हमारे यहां कहावत है, ”यथा अन्नम तथा मन्न्म, मतलब जैसा अन्न होता है, वैसा ही हमारा मानसिक और बौद्धिक विकास होता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, एक्सपर्ट्स का कहना है कि, शिशु को गर्भ में, और बचपन में, जितना अच्छा पोषण मिलता है, उतना अच्छा उसका मानसिक विकास होता है और वो स्वस्थ रहता है। बच्चों के पोषण के लिये भी उतना ही जरुरी है कि माँ को भी पूरा पोषण मिले। पोषण का मतलब केवल इतना ही नहीं होता कि आप क्या खा रहे हैं, कितना खा रहे हैं, कितनी बार खा रहे हैं। इसका मतलब है आपके शरीर को कितने जरुरी पोषक तत्व मिल रहे हैं।

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