Thursday, 10 September 2020

चुनाव से ठीक पहले राजद को लगा बड़ा झटका, कद्दावर नेता ने छोड़ा पार्टी का साथ

बिहार में विधानसभा चुनाव होने है. विधानसभा चुनाव से ठीक पहले RJD के दिग्गज नेता रघुवंश प्रसाद ने आरजेडी के सभी पदों से इस्तीफा देकर तगड़ा झटका दिया हैं। एम्स में इलाज करा रहे रघुवंश प्रसाद ने आरजेडी से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है। रघुवंश प्रसाद पार्टी के सभी पदों से पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं।



राजद नेता रघुवंश प्रसाद ने अपने इस्तीफे के लिए पार्टी के पैड का इस्तेमाल नहीं करते हुए सादे कागज पर ही अपने हाथों से इस्तीफा लिखा है। रघुवंश प्रसाद ने लिखा है कि वो राजद में 32 साल तक रहें। इस दौरान उन्हें पार्टी में बहुत प्यार मिला लेकिन अब साथ देना संभव नहीं है. रघुवंश प्रसाद काफी वक्त से पार्टी से नाराज चल रहे थे और इसी सिलसिले में रघुवंश प्रसाद सिंह ने अपने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद से इस्तीफा पहले ही दे दिया था।

अचानक वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह की तबीयत ज्यादा खराब हो गई है। हालत नाजुक होने पर उन्हें दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया है। यहां डॉक्टरों ने रघुवंश प्रसाद को आईसीयू में शिफ्ट कर दिया है। एम्स की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक फिलहाल रघुवंश प्रसाद के तमाम चेकअप किए जा रहे हैं। हालांकि अभी हालत स्थिर बताई जा रही है।

74 वर्षीय आरजेडी कुछ महीने पहले कोरोना संक्रमित पाए गए थे जिसके बाद उन्हें पटना एम्स में भर्ती किया गया था। हालांकि वहां से वह स्वस्थ्य होकर घर लौट आए थे, लेकिन उनका शरीर काफी कमजोर हो चुका है। इसीलिए कोरोना से उबरने के बाद भी रघुवंश प्रसाद पूरी तरीके से स्वस्थ्य नहीं हो पा रहे हैं।

आपको बता दे की इस इस्तीफा का एक कारण ये भी बताया जा रहा कि वैशाली के पूर्व एलजेपी सांसद रामा सिंह आरजेडी में आना चाहते हैं जिसे लेकर रघुवंश प्रसाद नाराज हैं। रघुवंश प्रसाद आरजेडी के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं। रघुवंश प्रसाद की नाराजगी पर पूछे गए सवाल पर आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बेटे तेज प्रताप यादव ने कहा कि पार्टी समुद्र होता है, उससे एक लोटा पानी निकलने से कुछ नहीं होता है। रघुवंश प्रसाद की तुलना एक लोटा पानी से किए जाने पर पार्टी में विवाद शुरू हो गया था, जिसके बाद तेज प्रताप यादव ने कहा था कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया। रघुवंश प्रसाद उनके चाचा हैं।

इसी विवाद के दौरान तेज प्रताप यादव जब पिता से मिलने पहुंचे थे तब लालू प्रसाद यादव ने उन्हें रघुवंश प्रसाद को लेकर इस तरह का बयान देने के लिए काफी फटकार लगाई थी। हालांकि कार्यकर्ताओं के राबड़ी आवास पर विरोध के बाद भी तेजस्वी यादव ने कहा है कि रामा सिंह को पार्टी में लेने पर पार्टी निर्णय लेगी।

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