Hosted : विधानसभा विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीति पल-पल बदल रही है। कुछ दिन पहले भाजपा के जिलाध्यक्ष रहे हरि सहनी अब वीआइपी नेता हो गए। इसी तरह पूर्व एमएलसी सह भाजपा नेता मिश्री लाल यादव ने भी वीआइपी का दामन थाम लिया। मुकेश सहनी ने मिश्री लाल यादव को दरभंगा के अलीनगर और हरि सहनी को केवटी से वीआईपी का सिंबल भी थमा दिया था।

लेकिन बुधवार को भारतीय जनता पार्टी द्वारा तीसरे चरण के लिए जिन 35 विधानसभा के लिए उम्मीदवारों का लिस्ट जारी किया गया है। उसमें केवटी सीट से मुरारी मोहन झा को उम्मीदवार बनाया गया है। मतलब साफ है कि बीजेपी जिला अध्यक्ष हरि सहनी का टिकट कट गया है। जबकि वो पिछले कई दिनों से क्षेत्र का दौरा कर लोगों से समर्थन मांग रहे थे।

आपको बताते चले कि बिहार के मल्लाह जाती भी भजापा के कोर वोटर ही माने जाते हैं। पिछले चुनावों पर गौर करें तो वो लगातर बीजेपी को वोट करते आ रहे हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में मुकेश सहनी का वीआईपी महागठबंधन के साथ था। इसके बावजूद मल्लाहों ने नरेंद्र मोदी को पीएम बनाने के लिए बेजेपी को वोट किया था।

ऐसे में सवाल उठता है कि कहीं, ऐसा तो नहीं है कि बीजेपी एक जाति की नाराजगी दूर करने के लिए दूसरे जाति के वोटर को नाराज कर दिया ! ये तो 10 नवंबर को ही पता चलेगा।

Hosted: Politics is changing moment by moment in the assembly elections. A few days ago, Hari Sahni, who was the District President of the BJP, has now become a VIP leader. Similarly, former MLC cum BJP leader Misri Lal Yadav also joined VIP. Mukesh Sahni had also given the symbol of VIP to Mishri Lal Yadav from Alinagar of Darbhanga and Hari Sahni from KVT.

But on Wednesday, the list of candidates for the 35 assembly constituencies for the third phase has been released by the Bharatiya Janata Party. In it, Murari Mohan Jha has been made a candidate from Kewati seat. Meaning that the ticket of BJP district president Hari Sahni has been cut. While he was visiting the area for the last several days, seeking support from the people.

Let me tell you that even the Mallah jatis of Bihar are considered the core voters of the Bhajapa. Looking at the previous elections, they have been continuously voting for BJP. Mukesh Sahni's VIP was with the Grand Alliance in the 2019 Lok Sabha elections. Despite this, the marchers voted Bejeppi to make Narendra Modi the PM.

In such a situation, the question arises that somewhere, it is not that the BJP has offended the voters of another caste to remove the displeasure of one caste! This will be known only on 10 November.

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