Hosted : इसी महीने बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव को लेकर महागठबंधन के दलों में सैद्धांतिक सहमति बन गई है कि बीजेपी-जदयू को हराने के लिए साथ-साथ लड़ना है और गठबंधन का वजूद कायम रखना है। बता दें पिछले कई दिनों से महागठबंधन के तमाम घटक दलों के बीच तनातनी चल रही थी।

लेकिन अब जो खबर आ रही है मीडिया मूताबिक रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांग्रेस 68 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली है। तो वहीं CPIML को 19 सीटें मिलेंगी। इधर, CPI और CPM के खाते में संयुक्त रूप से 10 सीटें होंगी। बाकी सीटें राजद के पास रहेंगी। सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा है कि राजद मुकेश सहनी के वीआईपी पार्टी को अपने कोटे से 10 से 12 सीटें दे सकती है।


मीडिया रिपोर्ट्स के मूताबिक वाम दलों में माले के लिए जिन 19 सीटों पर लगभग सहमति बनी है, वे सीटें लगभग दस जिलों में की हैं। माले को सबसे ज्यादा पटना और भोजपुर में तीन-तीन सीटें मिली हैं। पार्टी को जो सीटें मिलने का चर्चा की जा रही है उसमें भोजपुर जिले के आरा शहर, तरारी और अगिआंव और पटना जिले की पालीगंज, फुलवारीशरीफ और दीघा विस क्षेत्र शामिल हैं। इसके अलावा बक्सर जिले की डुमरांव, रोहतास की काराकाट, मुजफ्फरपुर की औराई या गायघाट में कोई एक, गोपालगंज की भोरे, अरवल जिले की अरवल, समस्तीपुर जिले की वारिसनगर, कल्याणपुर, जहानाबाद जिले की घोसी, सीवान जिले की दरौली, दरौंदा और जीरादेई और कटिहार जिले की बलरामपुर सीट है।

वहीं, अन्य वाम दल जैसे सीपीआई (CPI) के खाते में जाने वाली सीटों में हरलाखी, झंझारपुर, तेघरा, बखरी, रुपौली पर मामला तय माना जा रहा है। लेकिन पार्टी सिमरी बख्तियारपुर और गोह पर भी अड़ी है। सीपीएम के लिए पिपरा, विभूतिपुर और मटिहानी तय है। लौकहा या पूर्णिया में से कोई एक देने की मांग अभी बरकरार है। अब उम्मीद जतायी जा रही है कि शनिवार या सोमवार को संयुक्त प्रेस कांफ्रेस करके महागठबंधन के घटक दल अपने सीटों का एलान कर सकते हैं।

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