बड़ी खबर: चुनाव से ठीक पहले ‘महागठबंधन में दो फाड़’ ! कैसे लगेगी चुनावी नैया पार ? Just before the election, 'Tear in the Grand Alliance'

Hosted : बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर NDA गठबंधन और महागठबंधन के घटक दल अपने-अपने उम्मीदवारों की सूची फाइनल कर रहे हैं। माले ने तो उम्मीदवारों के नाम की आधिकारिक घोषणा भी कर दिया है। राजद और जदयू ने भी सिंबल बांटना शुरू कर दिया है।

वहीं, महागठबंधन का एक अहम घटक दल सीपीआई (CPI) में दो फाड़ हो गई है। सीपीआई की छात्र इकाई ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) बिहार विधानसभा का चुनाव लड़ेगा। AISF ने अपने बलबूते चुनावी मैदान में उम्मीदवारों को उतारा है। इसके लिए सोमवार को पटना विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया गया था, जिसमें एआईएसएफ के नेताओं ने 14 उमीदवारों की पहली सूची जारी की।

दरअसल, सीपीआई में टिकट बंटवारे में छात्र और युवाओं को टिकट नहीं दिया गया और सिर्फ पुराने लोगों को ही उमीदवार बनाया गया है। जिससे सीपीआई की छात्र इकाई एआईएसएफ नाराज है। इससे पहले रविवार को एआईएसएफ ने इसके खिलाफ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया कार्यालय में प्रदर्शन भी किया था।

टेकारी से एआईएसएफ के राज्य सह सचिव कुमार जितेन्द्र, सिवान से एआईएसएफ के राष्ट्रीय सचिव सुशील कुमार, महनार से एआईएसएफ के राज्य अध्यक्ष रंजीत पंडित, फुलवारी से एआईएसएफ के राज्य कार्यकारिणी सदस्य महेश रजक, महुआ से एआईएसएफ की राष्ट्रीय परिषद सदस्य पिंकी कुमारी और मोहिउद्दीननगर विधानसभा सीट से एआईएसएफ के समस्तीपुर जिलाध्यक्ष सुधीर कुमार राय चुनाव लड़ेंगे।

इसी तरह मनेर से एआईएसएफ के पटना जिलासचिव जन्मेजय कुमार, केसरिया से एआईएसएफ के पूर्वी चंपारण जिला संयोजक धनंजय सिंह, जाले से एआईएसएफ के मिथिला विश्विद्यालय सहसंयोजक मो. अरशद सिद्दीकी, अमनौर से एआईएसएफ के राज्य उपाध्यक्ष राहुल कुमार यादव, छपरा से एआईएसएफ के राज्यपरिषद सदस्य अमित नयन, मीनापुर से एआईएसएफ नेता आदित्य प्रकाश, डिहरी से एआईएसएफ नेता धर्मेन्द्र कुमार सिंह और फुलपरास विधानसभा सीट से युवा नेता देवशंकर यादव को उम्मीदवार बनाया गया है. उम्मीदवार बने सभी छात्र नेता 25 से 40 साल के बीच के हैं।

संगठन का कहना है कि छात्र-युवाओं को सम्मानजनक भागीदारी के बिना कोई भी लड़ाई अधूरी होगी। पार्टी ने युवाओं को दरकिनार किया तो एआईएसएफ (AISF) को अलग से चुनाव लड़ने का फैसला लेना पड़ा।

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