Hosted : बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि एनडीए के घटक दलों के बीच सीटों की डील तकरीबन फाइनल हो गयी है। सब कुछ ठीक रहा तो आज सीटों के तालमेल की आधिकारिक घोषणा कर दी जायेगी। हालांकि चिराग पासवान ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं।

जनता दल यूनाइटेड इस बार 122 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी, वहीं बीजेपी के खाते में 121 सीट गई है. हालांकि बीजेपी अपने कोटे से लोजपा, जदयू और हम को सीट देगी। हालांकि अभी इसकी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। बता दें कि दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष नड्डा के आवास पर नेताओं की बैठक जारी है। इस अति महत्वपूर्ण बैठक में गृहमंत्री अमित शाह भी शामिल हैं।

राजनीतिक गलियारों में एक खबर यह भी तैर रही है कि बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी किसी भी कीमत पर चिराग पासवान का साथ नहीं छोड़ना चाहती है। इसके

पीछे का वजह यह बताया जा रहा है कि हाथरस कांड के बाद जिस तरह से विपक्ष मोर्चा खोले हुए है और बीजेपी को दलित विरोधी कठघरे में खड़ा कर रहा है। इन सब के बीच बीजेपी चिराग से पीछा छुड़ाती है तो विरोधियों द्वारा दलित विरोधी करार दिए जाने का खतरा और बढ़ सकता है। इसी के चलते माना जा रहा है कि बीजेपी किसी भी शर्त पर चिराग पासवान के साथ ही जाएगी, इसके लिए उसे नीतीश कुमार का साथ ही क्यों ना छोड़ना पड़े।

वहीं, महागठबंधन में सीटों का बंटवारा हो चुका हैं। सीट बंटवारे के तहत महागठबंधन के घटक दलों में राजद 144 सीट, कांग्रेस 70 सीट, सीपीआई 6 सीट, सीपीएम 4 सीट और 19 सीटों पर सीपीआई माले चुनाव लड़ेगी। इस बंटवारे में वीआईपी के मुकेश सहनी को भी कुछ सीटें देने की बात हुई थी। लेकिन अंतिम मौके पर तेजस्वी यादव ने कहा कि वीआईपी और जेएमएम को वह अपने खाते से सीट देंगे। इतने पर ही मुकेश सहनी ने विरोध कर दिया और कहा कि मेरे पीठ पर ख़ंजर मारा गया है।

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